डिजिटल डेस्क, कोलकाता। बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग से पहले तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने देश के गैर-बीजेपी दलों को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी के जरिए उन्होंने लोकतंत्र बचाने की खातिर विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील की है।  चिट्‌ठी में ममता ने लिखा है कि मुझे लगता है कि अब वह समय आ गया है, जब हमें लोकतंत्र बचाने के लिए BJP के खिलाफ इकट्‌ठा हो जाना चाहिए।

ममता बनर्जी ने देश के जिन 15 नेताओं को चिट्ठी लिखी है उनमें कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी, एनसीपी नेता शरद पवार, डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन रेड्डी के अलावा केएस रेड्डी, फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और दीपांकर भट्टाचार्य शामिल है।

क्या कहा है ममता ने चिट्ठी में?

  • मैं ये चिट्‌ठी उन सभी पार्टियों को लिख रही हूं, जो BJP के खिलाफ हैं। 
  • मैं इस बात को लेकर चिंतित हूं कि BJP की केंद्र सरकार लोकतंत्र खत्म करने की कोशिश कर रही है।
  • इसका सबसे बड़ा उदाहरण दिल्ली सरकार के खिलाफ पास NCT बिल है।
  • केंद्र सरकार ने एक चुनी हुई सरकार की ताकत छीनकर उपराज्यपाल को दे दी है।
  • आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने दो बार दिल्ली के विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराया है।
  • जब BJP लोकतांत्रिक तरीके से नहीं जीत सकी तो उसने उपराज्यपाल के जरिए शासन करने का तरीका ढूंढ निकाला।
  • जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है, वहां राज्यपाल BJP के कार्यकर्ताओं की तरह काम करते हैं।
  • उन राज्यों में नेताओं के खिलाफ ED, CBI और दूसरी जांच एजेंसियों को लगाया जाता है।
  • गैर भाजपा शासित राज्यों को केंद्र सरकार पैसे देने में आनाकानी करती है।
  • मोदी सरकार सभी सरकारी संपत्तियों को बेचना चाहती है। ये लोगों के साथ धोखा है।

 

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