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नांदेड़एक घंटा पहले

महाराष्ट्र के नांदेड़ में सोमवार को होला-मोहल्ला जुलूस के दौरान पुलिसकर्मियों पर हुए हमले के मामले में 400 से ज्यादा लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया गया है। इस मामले में अभी तक 20 लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। हमले में 4 पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आईं हैं।

पुलिस टीम पर तलवार, पत्थर और डंडों से हमला तब हुआ, जब वे नांदेड़ साहब में बिना परमिशन के होने वाले होला-मोहल्ला जुलूस को रोकने के लिए गए थे। क्योंकि कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए इस जुलूस की परमिशन नहीं दी गई थी। इसे रोकने पर उपद्रवियों ने SP और DSP की गाड़ी पर भी हमला कर दिया। इस हमले के दौरान सिख महिलाएं भी पथराव करती नजर आई थीं। भीड़ अचानक गुरुद्वारे से बाहर निकली और बैरिकेड तोड़कर पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इस दौरान हुई हिंसा में कई वाहनों को भी नुकसान हुआ है।

गुरुद्वारा कमेटी पर भरोसा तोड़ने का आरोप
नांदेड़ रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) निसार तंबोली ने बताया कि नांदेड़ के हुजूर साहिब गुरुद्वारा में सिखों की ओर से होला-मोहल्ला का जुलूस निकाला जाता है। महाराष्ट्र में कोरोना महामारी के चलते इस जुलूस को निकालने की इजाजत नहीं दी गई थी। इसकी सूचना गुरुद्वारा कमेटी को भी दी गई थी और उन्होंने भी भरोसा दिया था कि वे निर्देश मानेंगे और कार्यक्रम गुरुद्वारा परिसर के अंदर ही करेंगे।

हमले में घायल पुलिसकर्मी को अस्पताल ले जाते हुए। चारों घायल पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से एक की हालत गंभीर है।

सड़क पर जुलूस निकालने पर अड़े
DIG ने बताया कि निर्देशों के बावजूद निशान साहिब को शाम 4 बजे गुरुद्वारे के गेट पर लाया गया। पुलिसकर्मियों ने मना किया तो सिख युवा उनसे उलझ गए और अचानक 400 से ज्यादा लोगहथियार लेकर बाहर निकले और पुलिसकर्मियों पर टूट पड़े। इस हमले में घायल एक कॉन्स्टेबल की हालत गंभीर है।

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