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  • By The End Of The Year, The Tesla Company Will Launch 7 E cars In The India, The Price Is 60 Lakh To 2 Crore Rupees

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7 मिनट पहलेलेखक: न्यूयॉर्क से मोहम्मद अली

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कंपनी भारत में एक से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने जा रही है। इनमें से एक कर्नाटक में होगा। इस फैक्ट्री की क्षमता सालाना ढाई लाख कार बनाने की होगी और करीब 10 हजार लोगों को इससे रोजगार मिलेगा।

इलोन मस्क की टेस्ला बड़ी तैयारी के साथ भारत आ रही है। कंपनी का इरादा निजी व सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव का है। इस साल के अंत तक कंपनी भारत में सात ई-कार उतारेगी, जिसके एंट्री लेवल मॉडल की कीमत 60 लाख रुपए होगी।

इसके साथ ही टेस्ला की नजर भारत में सस्ती ई-कारें, बाइक और ऑटो मार्केट पर है। कंपनी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेगमेंट पर शहरों के बीच हाइपर लूप नेटवर्क पर काम रही है। टेस्ला के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया, हम भारत में एक से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने जा रहे हैं।

इनमें से एक कर्नाटक में होगा, जो इस साल के अंत तक शुरू हो सकता है। इस फैक्ट्री की क्षमता सालाना ढाई लाख कार बनाने की होगी और करीब 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने बताया, कंपनी बाजार में अपनी जगह बनाने के लिए एग्रेसिव स्ट्रेटजी के साथ उतरेगी।

इस साल के अंत तक टेस्ला भारत में सात प्रीमियम ई-कारें लॉन्च करेगी। इसमें चार एक्स लॉन्ग रेंज और तीन मॉडल 3 स्टैंडर्ड रेंज के होंगे। टेस्ला मॉडल 3 की अनुमानित कीमत 60 लाख, मॉडल एस की कीमत 1.50 करोड़ और मॉडल एक्स की कीमत 2.00 करोड़ रुपए होगी।

साफ है कि भारत में कारों के किफायती वर्जन का निर्माण शुरू करने से पहले कंपनी की निगाह शुरुआती कुछ वर्षों में प्रीमियम कार बाजार पर है। मॉडल 3 सेडान (यूएस-स्पेक) तीन इलेक्ट्रिक पॉवरट्रेन विकल्प हैं- स्टैंडर्ड प्लस, लॉन्ग रेंज और परफॉर्मेंस। भारतीय मॉडल को स्टैंडर्ड प्लस वैरिएंट में पेश करने की संभावना है, बाकी दो बाद में आएंगे। मॉडल एस के भी तीन वैरिएंट हैं- 75डी, 100डी और पी100 डी।

तीनों सिंगल-स्पीड गियरबॉक्स वर्जन हैं। मॉडल एस की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए होगी। एक्स मॉडल भी तीन वैरिएंट में होगी। इनमें मुख्य अंतर बैटरी के प्रदर्शन का होगा। ऑटो एक्सपर्ट डेविड लेगेट के मुताबिक भारत का शहरी मध्यम वर्ग, विशेषकर शहरी अभिजात वर्ग पर्यावरण के प्रति जागरूक है।

ऐसे में टेस्ला लांचिंग के बाद बाजार में हिस्सेदारी दोगुनी-तिगुनी कर सकती है। टेस्ला देश में शहरों को जोड़ने के लिए हाइपर लूप तकनीक से पॉड टैक्सी पर काम कर रही है। पॉड टैक्सी पर्सनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम है जिसमें छोटे स्वचालित वाहन होते हैं। ये खास ट्रैक पर चलते हैं।

टेस्ला देश में ऐसे तीन प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। इनमें मुंबई-पुणे के बीच, बेंगलुरू इंटरनेशनल एयरपोर्ट को शहर से जोड़ने और दिल्ली को चंडीगढ़ से जोड़ने के लिए हाइपरलूप प्रोजेक्ट लाएगी। पॉड टैक्सी की रफ्तार विमान से तीन गुना तेज है। टेस्ला को उम्मीद है कि उसे 2025 तक पॉड टैक्सी के लिए सिक्योरिटी सर्टिफिकेट मिल जाएगा।

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