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स्वेज नहर में फंसे हैं 321 जहाज, कर रहे हैं रास्ता खुलने का इंतजार


काहिरा: दुनिया के सबसे व्यस्ततम समुद्री मार्गो में से एक मिस्र की स्वेज नहर में फंसे एक विशाल मालवाहक जहाज को हटाने की प्रक्रिया ने इस नहर के आसपास कम से कम 321 जहाजों को रुकने पर मजबूर कर दिया है। इस रास्ते पर कई घंटों से ट्रैफिक जाम है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने स्वेज कैनरी अथॉरिटी (एससीए) के अध्यक्ष ओसामा रबी को उद्धृत करते हुए लिखा है, “अभी स्वेज नहर के उत्तर में, दक्षिण में नहर में कम से कम 321 जहाज निकलने का इंतजार कर रहे हैं। हम उन्हें वे सभी लॉजिस्टिक सेवाएं दे रहे हैं। यह बताना मुश्किल है कि यह समस्या कब हल होगी, क्योंकि जहाज बहुत बड़ा है और उसमें बहुत सारा माल भरा है। साथ ही जहाज उथले इलाके में फंसा हुआ है।”

उन्होंने बताया कि 14 टग बोट सभी दिशाओं से इस जहाज का माल निकालने का काम कर रही हैं। कल रात को एक समय ऐसा आया था जब हमें लगा था कि रात तक काम पूरा हो जाएगा। बता दें कि 2,24,000 टन का पनामा-ध्वज वाला एवर गिविंग जहाज मंगलवार को नहर से गुजर रहा था, लेकिन तेज हवाओं और रेत के तूफान के चलते वह फंस गया। इसके बाद एससीए ने गुरुवार को इस मानव निर्मित जलमार्ग में अस्थायी तौर पर यातायात रोकने की घोषणा कर दी थी।

रबी ने कहा कि दुर्घटना के सही कारणों की जांच की जाएगी लेकिन पहले पूरा ध्यान बचाव कार्य पर है। भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ने वाली मानव निर्मित स्वेज नहर वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए एक प्रमुख जीवन रेखा की तरह है क्योंकि यह जहाजों को बिना अफ्रीका के पास से गुजरे यूरोप से दक्षिण एशिया जाने का रास्ता देती है। इससे यूरोप और भारत के बीच की समुद्री यात्रा की दूरी लगभग 7,000 किमी कम हो जाती है। विश्व व्यापार का करीब 12 फीसदी हिस्सा स्वेज नहर से होकर गुजरता है। स्वेज नहर मिस्र के आय के मुख्य स्रोतों में से एक है। यह पर्यटन के लिहाज से भी काफी अहम है।

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