Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

19 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अमिताभ बच्चन ने लगभग 60 पुरानी फिल्में रीस्टोर कर रखी हैं। उनका कहना है कि फिल्में हमारा मूविंग हेरिटेज हैं और इन्हें सहेजना जरूरी है।

पत्नी की सलाह पर अमल करने वाले पतियों में मेगास्टार अमिताभ बच्चन भी शामिल हैं। इस बार जया बच्चन की बात मानने के अमिताभ के फैसले का फायदा पूरे भारतीय सिनेमा को हुआ। दरअसल, अमिताभ भारतीय फिल्मों के संरक्षण के लिए एक म्यूजियम बना रहे हैं। फिल्म संरक्षण के काम को बढ़ावा देने के लिए उन्हें इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ फिल्म आर्काइव (FIAF) का अवॉर्ड दिया गया है।

अमिताभ बच्चन पहले भारतीय हैं, जिन्हें यह अवॉर्ड दिया गया है। 19 मार्च की शाम एक वर्चुअल सेरेमनी में यह अवॉर्ड दिया गया। इस दौरान अमिताभ ने कहा कि जया बच्चन की सलाह पर वे 2015 में पुरानी फिल्मों के संरक्षण से जुट गए थे। उन्होंने लगभग 60 पुरानी फिल्में रीस्टोर कर रखी हैं। वे पुरानी फिल्मों के रीस्टोरेशन के लिए अक्सर अपील भी करते रहते हैं।

फिल्में हमारा मूविंग हेरिटेज- अमिताभ
सेरेमनी में अमिताभ से जब ये पूछा गया कि पुरानी फिल्मों का संरक्षण क्यों होना चाहिए तो उन्होंने कहा- जब कोई ऐतिहासिक इमारत, चित्र या किसी कलाकृति के संरक्षण की बात होती है तो ऐसा सवाल किसी के मन में नहीं आता, तो फिर फिल्मों के बारे में भी ये नहीं होना चाहिए। आखिर फिल्में भी एक मूविंग हेरिटेज हैं। जो कुछ भी हमने रचा है, उसे संभालना भी हमारी जिम्मेदारी है।

अमिताभ ने यह भी कहा कि एक एम्बेसडर के तौर पर वे फिल्मों के संरक्षण को बढ़ावा देते रहेंगे। वे भारत में फिल्मों का पहला राष्ट्रीय म्यूजियम बनाना चाहते हैं, जिसमें सारी फिल्में और उससे जुड़ी चीजें संग्रहीत और संरक्षित रखी जाएं।

अमिताभ ने बताई संरक्षण की वजह
लगभग दो साल पहले कोलकाता में हुए इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में अमिताभ बच्चन ने कहा था कि हमारी पीढ़ी भारतीय सिनेमा के दिग्गजों को पहचानती तो है, लेकिन उनकी ज्यादातर फिल्में या तो आग की भेंट चढ़ गई हैं या कूड़े के ढेर में छोड़ दी गई हैं। फिल्म विरासत को संभालने में बहुत सारी कमियां हैं, अगर हमने इस बारे में जल्द नहीं सोचा तो यह विरासत नष्ट हो जाएगी। अमिताभ का कहना है कि कम से कम आने वाली पीढ़ियों को पता होना चाहिए कि 100 साल के सिनेमा में किन लोगों ने क्या योगदान दिया है।

अमेरिकन फिल्म प्रोड्यूसर डायरेक्टर मार्टिन स्कॉर्सेसी और फिल्म लेखक क्रिस्टोफर नोलन भी प्रोग्राम में मौजूद थे। अमिताभ का नाम इस अवॉर्ड के लिए फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन द्वारा नामांकित किया गया था। फिल्म हेरिटेज एक गैर सरकारी संस्था है जो फिल्मों के रजिस्ट्रेशन और फिल्म विरासत के अध्ययन पर काम करती है।

अमिताभ से पहले ये हो चुके सम्मानित
इस अवॉर्ड को पाने वाले अमिताभ बच्चन पहले भारतीय फिल्म कलाकार हैं। इससे पहले यह अवॉर्ड विश्व सिनेमा के जिन दिग्गजों को मिला है उनमें मार्टिन स्कॉर्सेस (2001), मनोएल डी ओलिवेरा (2002), इंगमार बर्गमैन (2003), गेराल्डिन चैपलिन (2004), माइक लेह (2005), हौसियो -सिएन (2006), पीटर बोगडानोविच 2007), जीन-पियरे और ल्यूक डार्डेन (2016), क्रिस्टोफर नोलन (2017), एपिचातपोंग वीरसेथाकुल (2018), जीन-ल्यूक गोडार्ड (2019), और वाल्टर सेलेस (2020) शामिल हैं।

20 साल हुए पूरे
FIAF सम्मान की शुरुआत वर्ष 2001 में की गई थी। इसके प्रेजीडेंट फ्रेडेरिक मायरे का कहना है कि सालाना पुरस्कार की 20वीं एनिवर्सरी पर अमिताभ बच्चन को सम्मानित करने से बेहतर कुछ और नहीं हो सकता था। FIAF भारत और एशिया में फिल्म संरक्षण के काम को लेकर बहुत सक्रिय रहा है।

खबरें और भी हैं…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here