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न्यूयॉर्क/मॉस्को8 घंटे पहले

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अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडेन के रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन को लेकर बड़ा बयान दिया है। पिछले साल हुए अमेरिकी चुनाव में दखल देने के मामले में उन्होंने पुतिन को हत्‍यारा बताते हुए कहा कि उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। बाइडेन के बयान से भड़के रूस ने वॉशिंगटन में मौजूद अपने राजदूत को वापस बुला लिया है। इसकी वजह बताई गई है कि उन्हें मामले पर चर्चा के लिए वापस बुलाया गया है।

पुतिन का पर्दाफाश जल्द होगा : बाइडेन
ABC न्यूज के साथ इंटरव्यू के दौरान बाइडेन से उस अमेरिकी इंटेलिजेंस रिपोर्ट के बारे में पूछा गया था, जिसमें कहा गया है कि डोनाल्ड ट्रम्प को फायदा पहुंचाने के लिए पुतिन ने या तो चुनाव में दखल देने के ऑपरेशन की निगरानी की थी या कम से कम उसे मंजूरी दी थी। इस पर बाइडेन ने कहा कि पुतिन ने जितने भी गलत काम किए हैं, सभी का पर्दाफाश जल्द होगा। इसके लिए वह जो कीमत अदा करने जा रहे है, आप जल्द ही देखेंगे। इस दौरान उन्होंने पिछले महीने पुतिन के साथ अपनी पहली कॉल का जिक्र भी किया।

रूस ने आरोपों को खारिज किया
रिपोर्ट में बताया गया कि रूस और ईरान ने चुनाव नतीजों को प्रभावित करने के लिए साजिश रची थी, लेकिन ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि किसी विदेशी दखल से वोटिंग प्रोसेस पर कोई असर पड़ा। राष्ट्रीय खुफिया कार्यालय की ओर से मंगलवार को जारी रिपोर्ट में अमेरिका में 2020 में हुए चुनावों में विदेशी दखल का डेटा दिया गया है। हालांकि रूस ने इसे निराधार बताया है।

अमेरिका ने यह आरोप तब लगाया है जब उसने अलेक्‍सी नवेलनी को जहर दिए जाने के बाद रूस के पर कई प्रतिबंध लगा दिए थे। इन प्रतिबंधों में रूसी खुफिया एजेंसी FSB भी शामिल थी।

1988 में भी राजदूत को वापस बुलाया था
रूस ने कहा कि वह नहीं चाहता है कि अमेरिका के साथ उसके रिश्‍ते ऐसी जगह न पहुंच जाए, जहां से वापस न आया जा सके। इससे पहले 1988 में रूस ने इराक में हमले के विरोध में अमेरिका और ब्रिटेन से अपने राजदूत को वापस बुला लिया था।

रिपोर्ट में चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने में 5 देशों के नाम
रिपोर्ट के मुताबिक, रूस और ईरान के अलावा चुनाव प्रक्रिया को क्यूबा, वेनेजुएला और हिजबुल्ला ने भी चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की थी। हालांकि इनका प्रभाव काफी कम था। खुफिया एजेंसी CIA और नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (NSA) की 15 पेज की रिपोर्ट में पुतिन के अलावा ईरान के सर्वोच्च नेता अली खमनोई के नाम का उल्लेख भी है। हालांकि पुतिन ने ट्रम्प को फायदा और खमनोई ने ट्रम्प को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी।

4 साल पहले भी रूस को लेकर इस तरह के दावे किए थे
4 साल पहले भी एक रिपोर्ट जारी की गई थी। इसमें बताया गया था कि पुतिन ने 2016 में भी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया था। यह रिपोर्ट 2016 के चुनाव को लेकर आई थी। तब ट्रम्प ने जीत दर्ज की थी। इस दौरान रिपब्लिकन उम्मीदवार को फायदा पहुंचाया गया था।

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