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मुंबई4 घंटे पहलेलेखक: अमित कर्ण

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अक्षय कुमार पहले ऐसे एक्टर हैं, जिन्होंने लॉकडाउन में जरा सी ढील मिलते ही फिल्मों की शूटिंग शुरू कर दी थी। अपनी फिल्म ‘बेल बॉटम’ की शूट के लिए वो यूरोप भी गए थे। उस माहौल में शूट करना बड़ा चुनौतीपूर्ण रहा था। खासकर कॉस्ट्यूम के मोर्चे पर। मेकर्स के पास शूट पर जाने से पहले महज 28 दिन थे। उसी टाइम फ्रेम में 500 से ज्यादा लोगों के लिए कॉस्ट्यूम के इंतजाम किए गए थे। यह थ्रिलर होने के साथ-साथ कॉस्ट्यूम ड्रामा फिल्म भी है। मेकर्स इससे समझौता नहीं कर सकते थे। साथ ही उन्हें सारे अरेंजमेंट्स भारत में ही करने थे।

फिल्म की कॉस्ट्यूम डिजाइनर शिवांगी श्रीवास्तव ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। शिवांगी ने कहा, “पिछले साल जून में कुछ समय के लिए आवाजाही की इजाजत मिली थी। हालांकि वह आंशिक परमिशन थी। हमें कॉस्ट्यूम्स की तलाश सुबह 11 से शाम 5 के बीच में ही करनी थी। बाकी तैयारियों के लिए भी महज 28 दिनों की डेडलाइन थी। पूरी टीम नर्वस थी, मगर अक्षय कुमार ने सबका हौसला बढ़ाया। टीम काम पर लगी। न सिर्फ अक्षय, वाणी, बल्कि सर्पोटिंग कास्ट और बैकग्राउंड कलाकार के भी लुक और गेटअप को उसी टाइमफ्रेम में तैयार किया गया था। यह सब इंडिया में ही करना पड़ा, क्योंकि विदेश में शूट के अलावा बाकी कामों के लिए वक्त नहीं मिलता। साथ ही फिल्म 1970 के बैकड्रॉप में है, तो यूरोप में तब के भारत में पहने जाने वाले परिधान नहीं मिलते।”

28 दिनों में 500 से 600 लोगों के कॉस्ट्यूम तैयार करने पड़े थे
अक्षय की टीम को हालांकि इंडिया में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। शिवांगी बताती हैं, ‘जून 2020 में दुकानें भी कम ही खुली थीं। अक्षय के साथ 15 और मेन कलाकार थे। उनके अलावा रोजाना 200 जूनियर आर्टिस्ट शूट पर रहते थे। हालांकि, सबका शेड्यूल अलग अलग रहता था, क्योंकि एक साथ 200 आर्टिस्टों को तो साथ में लेकर शूट नहीं कर सकते थे। कभी कम भी होते थे। फिर 75 सेकेंडरी एक्टर थे। यानी कुल मिलाकर 28 दिनों में 500 से 600 लोगों के कॉस्ट्यूम तैयार करने पड़े थे।”

कपड़े दो दिन आइसोलेशन में रखे जाते थे, फिर सैनिटाइज भी होते थे
अक्षय की पूरी फिल्म में 40 से ज्यादा बार कॉस्ट्यूम चेंजेस हुए है। वाणी कपूर के 15 से 20 कॉस्ट्यूम चेंज किए गए हैं। एक ड्रेस रोजाना रिपीट भी नहीं हो सकती थी। वह इसलिए कि कोविड का माहौल था। बड़े सख्त इंस्ट्रक्शन थे। कपड़े दो दिन आइसोलेशन में रखे जाते थे। उसके बाद उसे यूज किया जाता था। यह प्रोटोकॉल अक्षय कुमार के साथ-साथ बाकी सभी कलाकारों पर भी लागू होता था। कपड़े एक दिन वॉशिंग में जाते थे। फिर सैनिटाइज होते थे। उसके बाद यूज किया जाता था। सवाल जहां तक अक्षय के लुक का है, तो उनकी जुल्फें इरादतन माथे से चिपकी हुईं रखी गई हैं। मूंछे धारदार और हमेशा आंखों पर गोगल्स हैं। ताकि तब के दौर के जासूस का लुक निखरकर सामने आए।”

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