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नई दिल्ली3 घंटे पहले

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मनी लॉन्ड्रिंग का एक केस सामने आने के बाद RBI ने 2019 में PMC बैंक से पैसे निकालने पर लिमिट लगा दी थी - Dainik Bhaskar

मनी लॉन्ड्रिंग का एक केस सामने आने के बाद RBI ने 2019 में PMC बैंक से पैसे निकालने पर लिमिट लगा दी थी

  • सरकार बना रही डिपॉजिट इंश्योरेंस क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन एक्ट में बदलाव की योजना
  • बजट 2021 में किया गया था 5 लाख रुपए तक का बैंक डिपॉजिट इंश्योर्ड करने का ऐलान

केंद्र सरकार की ओर से मंगलवार को राहत वाली दो खबरें आईं। इसमें एक बैंक से जुड़ी और दूसरी रेलवे से। पहले बैंक की बात। जिस बैंक में आपका पैसा जमा है, अगर वह डूब जाता है और अकाउंट से पैसा निकालने पर रोक लग जाती है, तो आपका 5 लाख रुपए तक का डिपॉजिट सेफ रहेगा। यह अकाउंट होल्डर को 90 दिन में वापस मिल जाएगा।

दरअसल, सरकार डिपॉजिट इंश्योरेंस क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) एक्ट में बदलाव करने की योजना बना रही है। इसमें ऐसी व्यवस्था करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है।

दूसरी राहत रेल मंत्री पीयूष गोयल के एक बयान से मिली। उन्होंने कहा कि सरकार रेलवे को कभी निजी हाथों में नहीं सौंपेगी। लोकसभा में बोलते हुए गोयल ने कहा कि हमारी कोशिश है कि भारतीय रेलवे देश की ग्रोथ के लिए इंजन बन जाए। उन्होंने कहा कि चाहे वह इकोनॉमी हो, यात्रियों की सुविधा हो या कोई और फील्ड, सरकार संवेदनशीलता के साथ सभी की मांगें सुन रही है। उनकी जरूरतों को समझ रही है।

गोयल ने कहा कि कई नेताओं और सांसदों ने आरोप लगाया है कि हम भारतीय रेलवे का निजीकरण कर रहे हैं। मैं साफ करना चाहता हूं कि भारतीय रेलवे का निजीकरण नहीं किया जाएगा और यह सरकार के पास ही रहेगा। यह भारत सरकार की संपत्ति है। हालांकि उन्होंने बेहतर कामकाज के लिए निजी निवेश की जरूरत भी बताई।

बजट-2021 में बैंक कवर बढ़ाकर 5 लाख रुपए किया गया था
DICGC एक्ट में इस बदलाव को शामिल किए जाने पर डिपॉजिटर को बड़ी आसानी होगी, क्योंकि उन्हें तय समय में अपना 5 लाख रुपए तक का डिपॉजिट वापस मिल जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि बैंक के फेल होने की सूरत में DICGC के कवर के हिसाब से डिपॉजिटर को उनका पैसा तय समय के भीतर आसानी से मिल जाएगा।

उन्होंने 2021 के बजट में ऐलान किया था कि बैंकों में जमा एक लाख रुपए के बजाय 5 लाख रुपए की रकम अब DICGC एक्ट के तहत इंश्योर्ड रहेगी।

पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक में फ्रॉड के बाद किया था ऐलान
वित्त मंत्री ने बजट में यह ऐलान पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक में हुए फ्रॉड के बाद किया था। इसके बाद यस बैंक भी वित्तीय संकट में फंस गया था। बैंक में रोज की निकासी पर लिमिट लगा दी गई थी।

DICGC रिजर्व बैंक की कंपनी है, जो हर डिपॉजिटर के सेविंग्स, करंट, रेकरिंग और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एकाउंट में जमा 5 लाख रुपए को सुरक्षित रखती है। अगर कोई बैंक डिफॉल्ट हो जाता है तो उसके हर डिपॉजिटर को 5 लाख रुपए तक की रकम (मूल रकम और ब्याज) DICGC अदा करेगी।

मई 1993 से पहले 30 हजार रुपए तक ही वापसी की गारंटी थी
मई 1993 से पहले बैंक डिपॉजिटर को अपने बैंक खाते में जमा 30,000 रुपए तक की रकम पर ही वापसी की गारंटी थी। 1992 में एक सिक्योरिटी स्कैम के कारण इसमें बदलाव किया गया। महाराष्ट्र के बैंक ऑफ कराड के दिवालिया हो जाने के बाद इंश्योर्ड डिपॉजिट की रकम को बढ़ाकर 1 लाख रुपए किया गया था।

रिजर्व बैंक की कमेटी ऑन कस्टमर सर्विस इन बैंक्स की 2011 में आई रिपोर्ट में बैंक डिपॉजिट के सिक्योरिटी कवर को बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने सुझाव दिया गया था।

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