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एक घंटा पहले

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1) दुनिया भर में सरकारें और ऑटो-मेकर्स इलेक्ट्रिक वाहनों को जलवायु परिवर्तन से निपटने का प्रमुख साधन मान रहे हैं। हालांकि इस तकनीक का ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन पर वास्तविक असर दिखने में कई दशक नहीं तो कई साल लग ही जाएंगे। इसकी एक बड़ी वजह है। दरअसल, सड़कों पर दौड़ रहीं मौजूदा पेट्रोल-डीजल की गाड़ियां लंबे समय तक टिकी रहेंगी। विश्लेषकों का कहना है कि गाड़ियों का पूरा बेड़ा बदलने की रफ्तार काफी धीमी होगी, क्योंकि पेट्रोल-डीजल से चलने वाली ये वाहन पहले से ज्यादा भरोसमंद और मजबूत हैं। इनमें टूट-फूट भी कम होती है। जानने के लिए नीचे क्लिक करें और पढ़ें पूरा लेख…

अमेरिका के सामने नई चुनौती:मौजूदा पेट्रोल-डीजल कारों की उम्र लंबी, इलेक्ट्रिक कारों को जगह बनाने में लगेंगे कई साल

2) अमेरिका एस्ट्राजेनेका कोरोना वैक्सीन की करोड़ों डोज दबाए बैठा है। क्लीनिकल टेस्ट के नतीजे न आने की वजह से अमेरिका न खुद इन टीकों का इस्तेमाल कर रहा है और न उन जरूरतमंद देशों को दे रहा है, जो इस वैक्सीन मान्यता दे चुके हैं। बाइडेन प्रशासन के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार, एस्ट्राजेनेका वैक्सीन व्हाइट हाउस और फेडरल हेल्थ ऑफिशियल के लिए बहस का अहम मुद्दा बन चुका है। कुछ लोगों का कहना है प्रशासन को तैयार वैक्सीन के डोज उन देशों में भेज देने चाहिए, जहां लोग बेसब्री से इसका इंतजार कर रहे हैं। जबकि कुछ इसके लिए तैयार नहीं हैं। आखिर अमेरिका दूसरे देशों को यह वैक्सीन क्यों नहीं दे रहा है, जानने के लिए नीचे क्लिक करें और पढ़ें पूरा लेख…

अमेरिकन्स फर्स्ट:एस्ट्राजेनेका कोरोना वैक्सीन की करोड़ो डोज दबाए बैठा है अमेरिका , न जरूरतमंद देशों को दे रहा न खुद कर रहा इस्तेमाल

3) कोरोना लॉकडाउन का ऐसा साइड इफेक्ट सामने आया है जो बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है। अमेरिका में लॉकडाउन के चलते बच्चों में सीसा से होने वाली विषाक्तता यानी लेड पॉइजनिंग का जोखिम बहुत बढ़ गया है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) का अनुमान है कि कोरोना के दौरान खून की जांच न होने के चलते करीब एक लाख बच्चों के खून में सीसा खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। क्यों बढ़ रही है बच्चों में लेड पॉइजनिंग, जानने के लिए नीचे क्लिक करें और पढ़ें पूरा लेख…

कोरोना साइडइफेक्ट:लॉकडाउन के दौरान लेड पॉयजिनिंग का शिकार हो रहे लाखों बच्चे

4) मैक्सिको के निचले सदन के सांसदों ने गांजे को नशे के इस्तेमाल के लिए लीगल करने वाला बिल मंजूर कर दिया है। जिसके बाद मैक्सिको दुनिया में गांजे का सबसे बड़ा लीगल मार्केट बन सकता है। प्रेसिडेंट एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्राडोर की मंजूरी से पहले बिल को बड़े पैमाने पर सीनेट का भी समर्थन मिलने की उम्मीद है। हालांकि प्रेसिडेंट इसे लीगल करने के संकेत पहले ही दे चुके हैं। गांजे को लीगल करने वाले बिल की खास बातें जानने के लिए नीचे क्लिक करें और पढ़ें पूरा लेख…

नशे के लिए खरीद सकेंगे गांजा:गांजे का सबसे बड़ा लीगल मार्केट बनेगा मैक्सिको, घर में भी लगा सकेंगे गांजे के पौधे

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