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इस्लामाबाद36 मिनट पहले

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हाल में हुए सीनेट चुनाव में इमरान सरकार में वित्त मंत्री अब्दुल हफीज शेख की हार हो गई। विपक्ष का कहना है कि यह हार ही इमरान सरकार का फ्लोर टेस्ट है। – फाइल फोटो

पाकिस्तान की इमरान सरकार रहेगी या जाएगी, इसका फैसला आज हो जाएगा। इमरान खान शनिवार को विश्वास मत हासिल करने नेशनल असेंबली में जाएंगे। हालांकि, विपक्ष ने फ्लोर टेस्ट का बायकॉट करने का ऐलान कर दिया है।

पाकिस्तान की प्रमुख विपक्षी दलों ने इमरान से प्रधानमंत्री पद छोड़ने की मांग की है। सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाने की घोषणा की है। विपक्षी नेताओं ने शुक्रवार को कहा कि वह नेशनल असेंबली सेशन में शामिल नहीं होंगे। पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी की सीनेट चुनाव में जीत खुद प्रधानमंत्री के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव थी।

विपक्ष की ओर से एक सदस्य मौजूद रहेगा
रहमान ने इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इमरान सरकार ने सेशन बुलाया है। इसमें विपक्ष का कोई भी सदस्य हिस्सा नहीं लेगा। उन्होंने कहा कि जो नाटक वे कर रहे हैं, उस पर नजर रखने के लिए विपक्ष एक व्यक्ति को नियुक्त करेगा।

रहमान ने दावा किया कि राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने शनिवार को जो सेशन बुलाया है, उसका मतलब है कि PM इमरान खान ने बहुमत का विश्वास खो दिया है। इसलिए उन्हें विश्वास मत हासिल करने की जरूरत है। राष्ट्रपति नेशनल असेंबली के सत्र को बुलाने की बात करते हैं, तो यह विपक्ष के रुख को मजबूत करता है। रहमान ने कहा कि इस सेशन का कोई राजनीतिक महत्व नहीं होगा। इमरान सरकार को देश की प्रतिनिधि सरकार नहीं माना जाएगा।

सीनेट चुनाव में वित्त मंत्री हारे
हाल में हुए सीनेट चुनाव में विपक्षी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के उम्मीदवार पूर्व प्रधान मंत्री सैयद यूसुफ रजा गिलानी ने पाकिस्तान के वित्त मंत्री अब्दुल हफीज शेख को हरा दिया। यह नतीजा इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि उनकी पार्टी और उसके सहयोगी नेशनल असेंबली में बहुमत में हैं। इसका मतलब यह है कि कुछ सदस्यों या सहयोगियों ने उनके पक्ष में वोट नहीं किया।

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