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सस्ते में गोल्ड खरीदन का मौका


नई दिल्ली। अगर आप सोने में निवेश करने की सोच रहे हैं, या फिर अपने बच्चों के लिए सोना जोड़ना चाहते हैं तो आपके लिए सरकार की तरफ से बड़ा मौका मिल रहा है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की बारहवीं सीरीज आज से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रही है। गोल्ड बॉन्ड सोने पर आधारित एक सरकारी सिक्योरिटी है। बॉन्ड पर ब्याज आय की वजह से गोल्ड बॉन्ड हर हाल में इसी अवधि में किए गए ठोस सोने में निवेश से बेहतर है।

गोल्ड बॉन्ड की 12वीं सीरीज की मुख्य बातें

  • 12वीं सीरीज 1 मार्च से 5 मार्च तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुली रहेगी।
  • इश्यू 4662 रुपये प्रति ग्राम की कीमत पर सब्सक्राइब किया जा सकता है।
  • इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भुगतान करने पर 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट मिलेगी। यानि ऑनलाइन एप्लीकेशन पर 4612 रुपये प्रति ग्राम चुकाने होंगे।
  • बाजार में सोने का भाव फिलहाल 4700 रुपये प्रति ग्राम से ऊपर है।

क्यों गोल्ड बॉन्ड ठोस सोने से बेहतर है

  • बॉन्ड सोने का विकल्प है उसकी कीमत का नहीं। अगर आप एक ग्राम सोने के लिए सब्सक्राइब करते हैं तो आपको एक ग्राम सोने की ही सिक्योरिटी मिलेगी, भले ही उसकी कीमत कितनी ही बढ़ जाए या कितनी ही गिर जाए।
  • इसके साथ सरकार ब्याज भी ऑफर करती है, ऐसे में अगर सोने की कीमत गिरती है, तो इसी अवधि में ठोस सोने में किये गए निवेश के मुकाबले बॉन्ड में निवेश पर नुकसान कम होगा।
  • वहीं कीमतें बढ़ने पर अतिरिक्त ब्याज आय से कुल फायदा ठोस सोने में निवेश के मुकाबले ज्यादा होगा।

बॉन्ड पर कितना ब्याज मिलता है

बॉन्ड पर सालाना 2.5 प्रतिशत (फिक्स्ड दरें) का ब्याज मिलता है, जो निवेश की गई शुरुआती रकम पर  ही मिलता है। ये ब्याज तिमाही के आधार पर निवेशकों के बैंक खाते में आता है। अंतिम ब्याज की किस्त मैच्योरिटी पर दी जाती है।

मैच्योरिटी पर रकम किस आधार पर मिलती है।

  • मैच्योरिटी पर आपको दो तरह की रकम मिलेगी।
  • पहली रकम आपके शुरुआती निवेश पर अंतिम तिमाही की ब्याज की किस्त होगी।
  • वहीं दूसरी रकम मैच्योरिटी की तारीख से पहले के 3 कारोबारी दिवस पर सोने की औसत कीमत के आधार पर तय होगी।
  • मैच्योरिटी से पहले प्रति ग्राम औसत कीमत के आधार पर निवेशक के द्वारा सब्सक्राइब किए गए सोने की कीमत चुका दी जाएगी।

कैसे मिलेगा पैसा

गोल्ड बॉन्ड से पैसा निकालने के 3 तरीके हैं।

  • बॉन्ड की मैच्योरिटी 8 साल की है, जिसके बाद पैसा आपके दिए गए खाते में आ जाएगा
  • बॉन्ड का लॉकइन पीरियड 5 साल है, यानि निवेशक चाहे तो 5 साल पूरे होने के बाद भी बॉन्ड से पैसा निकाल सकता है।
  • अगर आप 5 साल से पहले बॉन्ड बेचना चाहते हैं तो आप स्टॉक मार्केट में इसकी बिक्री कर सकते हैं।

बॉन्ड के अन्य फायदे क्या हैं।

आप ब़ॉन्ड पर लोन ले सकते हैं, बॉन्ड पर टैक्स छूट भी मिलेगी। एक निश्चित समय बाद बॉन्ड शेयर बाजार में खरीदे या बेचे जा सकते हैं। इसके साथ ही आप ठोस सोना रखने की चिंता से भी बच सकते हैं।

कहां से खरीद सकते हैं गोल्ड बॉन्ड

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के लिए बैंक, चुनिंदा डाकघरों, बीएसई, एनएसई के जरिए आवेदन किया जा सकता है।   

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