• क्या वर्चुअल शेयरहोल्डर मीटिंग में निवेशकों की बातें सुनी जाती हैं और क्या उनको सवाल पूछने का पर्याप्त अवसर मिल पाता है, सेबी चीफ ने इस बात पर जताई चिंता
  • त्यागी ने कहा, डीमैट एकाउंट का आंकड़ा तीन से चार करोड़ पहुंचने में 28 महीने लगे थे, लेकिन डीमैट की संख्या चार से पाँच करोड़ तक सिर्फ 10 महीने में पहुंच गई

मार्केट रेगुलेटर सेबी के चेयरमैन अजय त्यागी ने कहा कि शेयर बाजारों में उथल-पुथल मार्च 2020 में सबसे ज्यादा थी। उन्होंने कहा कि अभी वोलैटिलिटी इंडेक्स 20 से ऊपर चला गया है, जो पाँच साल के औसत से ऊपर है, लेकिन रिकवरी भी बहुत तेज रही है। ये बातें त्यागी ने सेबी के प्रमोटेड नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट को संबोधित करते हुए कही।

वर्चुअल बोर्ड मीटिंग की गोपनीयता और सुरक्षा से जुड़ी चिंता दूर करना जरूरी

त्यागी ने कहा कि कॉरपोरेट वर्ल्ड में वर्चुअल बोर्ड मीटिंग का चलन बन जाए, उससे पहले गोपनीयता और सुरक्षा से जुड़ी चिंता को दूर करना जरूरी है। क्या वर्चुअल शेयरहोल्डर मीटिंग में निवेशकों की बातें सुनी जाती हैं और क्या उनको सवाल पूछने का पर्याप्त अवसर मिल पाता है, सेबी चीफ ने इन सबके बाबत भी चिंता जताई है।

निवेशकों का शेयरों में सीधा निवेश बढ़ रहा है, ट्रेडिंग में भी हिस्सेदारी बढ़ रही है

त्यागी ने कहा कि कई ग्लोबल मार्केट में अभूतपूर्व माहौल है। आम निवेशकों का शेयर बाजारों में सीधा निवेश बढ़ रहा है। कुल निवेश में उनकी हिस्सेदारी बढ़ रही है। स्टॉक ट्रेडिंग में आम लोगों का हिस्सा बढ़ रहा है। सेबी चीफ ने कहा कि डीमैट एकाउंट का आंकड़ा तीन से चार करोड़ पहुंचने में 28 महीने लगे थे। लेकिन डीमैट की संख्या चार से पाँच करोड़ तक सिर्फ 10 महीने में पहुंच गई।

हाल के महीनों में SIP के जरिए शेयरों में होने वाला निवेश लगातार घटा है

म्यूचुअल फंड के बाबत त्यागी ने कहा कि पिछले साल दिसंबर में इसमें बड़े पैमाने पर बिकवाली हुई थी। हाल के महीनों में SIP के जरिए शेयरों में होने वाला निवेश लगातार घटा है। पिछले तीन महीनों में भी म्यूचुअल फंड में पैसे आने से ज्यादा निकाले गए हैं। मार्च 2010 में लॉकडाउन के समय डेट फंडों में बड़े पैमाने पर बिकवाली हुई थी। लेकिन इस साल जनवरी में कई क्रेडिट रिस्क स्कीमों में रिवर्सल हुआ। मार्क टू मार्केट गेंस के चलते बिकवाली होने के बावजूद MF के इक्विटी एसेट में बढ़ोतरी हुई।

विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार में भरोसा बना हुआ है

त्यागी ने कहा कि विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार में भरोसा बना हुआ है। इस फाइनेंशियल ईयर में उनका निवेश सबसे ज्यादा रहा है। वे 35 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश कर चुके हैं। इससे भारत सबसे ज्यादा विदेशी इक्विटी निवेश हासिल करने वाला देश बन गया है। त्यागी ने कहा कि घरेलू कंपनियों ने बॉन्ड बाजार से 6.5 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। उनकी तरफ से इक्विटी मार्केट से जुटाई जाने वाली रकम में भी इजाफा हुआ है।

पिछले साल लिस्ट हुई कंपनियों के IPO को अच्छा खासा सब्सक्रिप्शन मिला था

त्यागी ने पिछले साल लिस्ट हुई कंपनियों के बाबत कहा कि उनके IPO को अच्छा खासा सब्सक्रिप्शन मिला था। पिछले साल आए एक तिहाई इश्यू को 100 गुना जबकि इस साल एक इश्यू को 190 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। दो इश्यू को छोड़कर बाकी सभी के शेयरों में IPO प्राइस से ऊपर ट्रेड हो रहा है।

 

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