दुनियाभार के 4 करोड़ से ज्यादा लोग रोशनी खो चुके हैं।

दुनिया में करीब 110 करोड़ लोग आंखों की बीमारी से जूझ रहे हैं। इसकी वजह चश्मा न खरीद पाना है। यह संख्या भारत की आबादी के लगभग बराबर है। इनमें से 59 करोड़ लोगों की दूर की, जबकि 51 करोड़ की पास की नजर कमजोर है। 4 करोड़ से ज्यादा लोग रोशनी खो चुके हैं।

दूरदृष्टि दोष वाले 59 करोड़ लोगों में से 4 करोड़ दृष्टिहीन

दूरदृष्टि दोष वाले 59 करोड़ लोगों में से करीब 8% यानी 4.3 करोड़ लोगों की आंखों की रोशनी जा चुकी है। इनमें भी महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा है।

  • 6.1 करोड़ दृष्टिहीन होने की आशंका दुनिया में 30 साल में।
  • आंखों की बीमारी से दुनिया को 30 लाख करोड़ रुपए का नुकसान, यह देश में महाराष्ट्र और दुनिया में यूएई की जीडीपी से ज्यादा।

(स्रोतः लैंसेट, ग्लोबल आई हेल्थ कमीशन, यूएन)

 

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