देश में कोरोना के नए स्ट्रेन से संक्रमित 20 और लोग मिले हैं। इसके साथ ही अब कुल मामले 58 हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि ये सभी लोग अलग-अलग राज्यों के हैं। राज्य सरकारों ने उनके लिए इलाज के इंतजाम किए हैं।

उन्होंने बताया कि सभी लोगों को अलग से आइसोलेशन में रखा गया है। उनके संपर्क में आए लोगों को भी क्वारैंटाइन कर दिया है। इसके अलावा उनके साथ सफर करने वालों को भी ट्रेस किया जा रहा है। उनके सैम्पल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं।

छह मरीज मिलने के बाद केरल में अलर्ट

नए स्ट्रेन के छह मरीज केरल में मिले हैं। इसके बाद सरकार ने मशीनरी को अलर्ट कर दिया है। ये सभी 14 दिसंबर को ब्रिटेन से लौटे थे। उस दौरान टेस्ट में इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। अधिकारियों ने बताया कि कोझीकोड और अलापुझा में दो-दो और कोट्टयम और कन्नूर में एक-एक संक्रमित मिला है।

राज्य की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने लोगों से अपील की है कि वे खुद लॉकडाउन की तरह बर्ताव करें। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की पाबंदियों में ढील दिए जाने के बाद लोग घरों से बाहर आ रहे हैं। हमें अब खुद अनुशासन दिखाना होगा। सिर्फ जरूरी काम होने पर ही बाहर जाना चाहिए। अगले कुछ हफ्ते बहुत अहम हैं।

राज्यों की लैब में चल रही जांच

इन मामलों में से आठ नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) में, 11 CSIR इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (IGIB) में और 10 मामले बेंगलुरु के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो में रजिस्टर्ड किए गए हैं।

हैदराबाद में सेलुलर एंड मॉलीक्यूलर बायोलॉजी में ऐसे तीन, पश्चिम बंगाल के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जीनोमिक्स में एक और पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में 25 केस के बारे में पता चला है।

29 दिसंबर को सामने आया था पहला मामला

29 दिसंबर को ब्रिटेन से आए 6 लोगों में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट का पता चला था। नए स्ट्रेन के ये भारत में रिपोर्ट किए गए शुरुआती मामले थे। ब्रिटेन ने अपने यहां लोगों में वायरस के नए रूप की पहचान की थी। यह 70% ज्यादा तेजी से फैलता है। इस ऐलान के बाद भारत में भी नए स्ट्रेन की ट्रेसिंग और जांच का काम तब शुरू किया गया था।

ब्रिटेन का यह स्ट्रेन डेनमार्क, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, स्वीडन, फ्रांस, स्पेन, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, कनाडा, जापान, लेबनान और सिंगापुर समेत कई देशों में मिल चुका है। मंत्रालय ने कहा कि हालात की बारीकी से निगरानी की जा रही है।

 

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