सोमवार को सरकार से मीटिंग के बाद विज्ञान भवन के बाहर किसान नेताओं ने अपनी मांगों पर एकजुटता दिखाई।

नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का मंगलवार को 41वां दिन है। सोमवार को किसानों और केंद्र के बीच 8वें दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पूछा कि MSP पर क्या दिक्कतें हैं। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी बोले- सरकार सभी फसलों की MSP की गारंटी दे। कृषि मंत्री ने कहा- हम तैयार हैं, आप पॉइंट बताएं। हमें अपना होम वर्क करना पड़ेगा। इस पर किसान नेता बोले- 8 दौर की चर्चा हो चुकी और कितना समय चाहिए। मीटिंग खत्म होने के बाद कृषि मंत्री ने कहा कि ताली दोनों हाथ से बजती है।

किसान बुधवार को ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे
4 घंटे चली बैठक में सरकार कानूनों में बदलाव की बात दोहराती रही। किसान कानून वापसी पर अड़े रहे। अगली मीटिंग के लिए 8 जनवरी का दिन तय हुआ है। इससे पहले किसान संगठन 6 जनवरी को कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे पर ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे।

वाणिज्य राज्य मंत्री ने कुछ किसानों से अकेले में बात की
कृषि मंत्री के अलावा मीटिंग में रेल मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश भी शामिल हुए थे। MSP पर चर्चा के बाद किसानों ने कानून रद्द करने की मांग उठाई। तोमर बोले- कमेटी बना लेते हैं। किसानों ने कहा- कोई कमेटी नहीं बनेगी, कानून रद्द करें। सोम प्रकाश कुछ नेताओं को किनारे ले गए और बात की। जिस पर दूसरे किसान नेता बोले, कानून रद्द करें। इसके बाद तोमर ने कहा कानून के समर्थन में भी काफी संगठन और किसान हैं। हम सिर्फ आपकी बात सुनकर इन्हें रद्द नहीं कर सकते।

इस बार खाना अपना-अपना…
बातचीत से पहले सरकार और किसान नेताओं ने जान गंवा चुके किसानों के लिए दो मिनट का मौन रखा, लेकिन यह सब यहीं तक सीमित था। आगे किसानों की मौत न हो और समाधान निकाला जाए इसके लिए कोई कोशिश नहीं दिखी। इस बार भी किसानों ने सरकारी खाना खाने से इनकार कर दिया। उन्होंने मंत्रियों से कहा, आप अपना खाना खाएं, हम अपना खाएंगे। पिछली मीटिंग में 3 मंत्रियों ने किसानों के साथ लंगर का खाना ही खाया था, इससे माहौल काफी हल्का हो गया था। इस बार भी यही उम्मीद की जा रही थी।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here