कंचनबेन को पड़ोसी खाना देते थे।

गुजरात के राजकोट शहर से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां ध्रोल इलाके से तीन मंजिला मकान में करीब 20 साल से बंद 65 साल की महिला को रेस्क्यू किया गया है। महिला के घर से 60 तोला सोना मिला है। उनकी मानसिक हालत ठीक नहीं है। उनके भतीजे ने उन्हें अपनाने से इंकार कर दिया।

एक कमरे में पड़ी रहती थीं, पड़ोसी देते थे खाना
महिला का नाम कंचनबेन है। वह यहां अपने तीन मंजिला मकान के एक छोटे से कमरे में रह रही थीं। पड़ोसी उनके कमरे के बाहर खाना रख देते थे। खाना लेकर कंचनबेन कमरे में चली जाती थीं और बहुत कम ही बाहर निकलती थीं।

टीम ने उनके बाल काटे और नहलाकर नए कपड़े पहनाए।

टीम ने उनके बाल काटे और नहलाकर नए कपड़े पहनाए।

सामाजिक संगठन ने किया रेस्क्यू
राजकोट की सामाजिक कार्यकर्ता जल्पाबेन पटेल ने बताया कि हमें कंचनबेन के पड़ोसियों ने इसकी जानकारी दी थी। जिसके बाद हमारी टीम उनके घर पहुंची और उन्हें कमरे से बाहर निकाला। वे बिना कपड़ों की थीं और उनके बाल भी करीब 8 फीट तक बढ़ गए थे। कमरा पूरी तरह से गंदा था और बदबू आने लगी थी। हमारी रेस्क्यू टीम ने उनके बाल काटे। उन्हें नहलाकर साफ कपड़े पहनाए। उनके घर के एक कमरे से 60 तोला सोना भी मिला है। कंचनबेन की शादी नहीं हुई है। वह यहां अकेले ही रहती थीं।

कंचनबेन को सूरत के मानव मंदिर वृद्धाश्रम भेज दिया गया।

कंचनबेन को सूरत के मानव मंदिर वृद्धाश्रम भेज दिया गया।

भतीने ने अपनाने से मना कर दिया
जल्पाबेन ने बताया कि काफी कोशिशों के बाद कंचनबेन के सगे भतीजे का नंबर मिला। उनसे फोन पर बात भी की गई, लेकिन उन्होंने कंचनबेन को अपनाने से मना कर दिया। इसलिए अब उन्हें सूरत के मानव मंदिर वृद्धाश्रम भेज दिया गया।

 

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