कुछ दिन पहले मीडिया में खबरें आई थीं कि कोवैक्सिन को ट्रायल्स के लिए वॉलंटियर्स नहीं मिल रहे। – फाइल फोटो

  • अगले महीने तक आ सकते हैं कोवैक्सिन के फेज-3 ट्रायल्स के नतीजे
  • ड्रग रेग्युलेटर ने 3 जनवरी को दिया था वैक्सीन को इमरजेंसी अप्रूवल

स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सिन के बारे में अच्छी खबर सामने आई है। कोवैक्सिन के भारत में फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल्स ने अपना 25,800 वॉलंटियर्स का टारगेट पूरा कर लिया है। भारत बायोटेक ने दिसंबर के पहले हफ्ते में भारत के ड्रग रेग्युलेटर से अपनी वैक्सीन के लिए इमरजेंसी अप्रूवल मांगा था। इस पर 3 जनवरी को ड्रग रेग्युलेटर ने उसकी वैक्सीन को इमरजेंसी अप्रूवल दे दिया है।

भारत बायोटेक की जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर सुचित्रा एल्ला ने इसकी जानकारी दी। साथ ही ट्रायल्स में शामिल वॉलंटियर्स का आभार भी जताया। कंपनी की यह घोषणा अहम है। कुछ दिन पहले मीडिया में खबरें आई थीं कि कोवैक्सिन को ट्रायल्स के लिए वॉलंटियर्स नहीं मिल रहे। अब कंपनी का दावा है कि 25,800 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है। इस वैक्सीन की दो डोज लगाई जा रही हैं। दूसरी डोज के कुछ दिन बाद ही पता चलेगा कि यह वैक्सीन कितनी सेफ और इफेक्टिव है। यानी फेज-3 के शुरुआती नतीजे फरवरी तक सामने आ सकते हैं।

वैसे, अच्छी बात यह है कि कोवैक्सिन के फेज-1 और फेज-2 ट्रायल्स में 1,000 वॉलंटियर्स को शामिल किया गया था। इसमें वैक्सीन ने बेहतरीन सेफ्टी और इम्युनोजेनेसिटी रिजल्ट्स दिए थे। इन्हें अंतरराष्ट्रीय पीयर रिव्यू साइंटिफिक जर्नल्स ने भी माना है।

स्वदेशी कोरोना वैक्सीन-कोवैक्सिन को हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) के साथ मिलकर तैयार किया है। कंपनी ने फेज-3 ट्रायल्स नवंबर में शुरू किए थे। यह कोरोनावायरस वैक्सीन की भारत की पहली और इकलौती फेज-3 एफिकेसी स्टडी है। यह स्वदेशी इनएक्टिवेटेड वैक्सीन भारत बायोटेक की BSL-3 (बायो-सेफ्टी लेवल 3) बायो-कंटेनमेंट फेसिलिटी में डेवलप और मैन्यूफैक्चर की गई है।

 

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