चीन ने भारतीय सेना की हिरासत में मौजूद अपने सैनिक की फौरन रिहाई की मांग की है। चीन की सेना यानी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के मुताबिक, यह सैनिक अंधेरे और इलाके की समझ न होने की वजह से भारतीय क्षेत्र में पहुंच गया था। इसलिए उसे जल्द रिहा किया जाना चाहिए। अक्टूबर में एक चीनी सैनिक भारतीय सीमा में घुस गया था। दो दिन बाद उसे चीनी सेना के अफसरों को सौंप दिया गया था।

रास्ता भटक गया था सैनिक
लद्दाख में एलएसी पर पिछले साल जून से दोनों देशों की भारी सैन्य तैनाती है। भारत की हिरासत में मौजूद चीनी सैनिक पर वहां की सेना ने बयान जारी किया। कहा- अंधेरे और जटिल भौगोलिक स्थिति की वजह से शुक्रवार सुबह हमारा एक सैनिक रास्ता भटक गया था। हमने इस बारे में भारतीय सेना को जानकारी दे दी थी। उनसे सैनिक की खोज में मदद देने की अपील की थी।

बयान में आगे कहा गया- भारतीय सेना ने दो घंटे बाद बताया कि हमारा सैनिक उनके पास है और वे आला अफसरों से बातचीत के बाद उसे रिहा कर देंगे।

समझौते का पालन किया जाए
चीनी सेना ने कहा- दोनों देशों के बीच इस तरह के मामलों से निपटने के लिए कुछ समझौते हैं। इसलिए बिना वक्त गंवाए हमारे सैनिक को रिहा किया जाए। इससे दोनों देशों के बीच भरोसा कायम होगा और सीमा पर तनाव कम करने में मदद मिलेगी।

पैंगॉन्ग त्सो लेक एरिया की घटना
इंडियन आर्मी के मुताबिक, 8 जनवरी शुक्रवार को चीन के एक सैनिक को भारतीय सीमा में घुसने के बाद हिरासत में ले लिया गया। घटना पैगॉन्ग त्सो लेक के दक्षिणी हिस्से की है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के इस सैनिक को इस एरिया में तैनात भारतीय जवानों ने देख लिया था। यह पता लगाया जा रहा है कि किन हालात में इस सैनिक ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की।

अक्टूबर के बाद यह दूसरा मौका है, जब PLA के किसी सैनिक ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की। अक्टूबर में डेमचोक सेक्टर में एक चीनी सैनिक को हिरासत में लिया गया था। 21 अक्टूबर को इसे चुशूल-मॉल्डो मीटिंग पाइंट पर चीनी अफसरों को सौंप दिया गया था। यह दो दिन भारतीय सेना की हिरासत में रहा था।

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लद्दाख में निगरानी करता भारतीय जवान। यहां पिछले साल जून से भारत और चीन ने बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती की है। (फाइल)

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