• Hindi News
  • Business
  • IHS Markets Increase FY22 Growth Estimate To 8.9% On Increased Economic Activity In December

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

21 दिन पहले

  • कॉपी लिंक
  • IHS के मुताबिक, इंडस्ट्रियल प्रॉडक्शन में सालाना आधार पर 3.6% बढ़ोतरी होने का संकेत दे रहे अक्टूबर के डेटा
  • इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने दिया मार्च क्वॉर्टर में ग्रोथ पॉजिटिव होने और FY2022 में 9.6% पर पहुंचने का अनुमान

GDP ग्रोथ अप्रैल से शुरू हो रहे फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में 8.9% रह सकती है। IHS मार्किट ने शुक्रवार को यह अनुमान दिसंबर में इकनॉमिक एक्टिविटी अच्छी-खासी बढ़ने के चलते दिया। गुरुवार को राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन (NSO) ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में GDP ग्रोथ शून्य से 7.7% कम रहने का अनुमान दिया था। इस अनुमान के हिसाब से फाइनेंशियल ईयर 2021 जीडीपी ग्रोथ के लिहाज से पिछले चार दशक में सबसे ज्यादा बुरा साल होगा।

दिसंबर क्वॉर्टर में इंडस्ट्रियल प्रॉडक्शन और कंजम्पशन एक्सपेंडिचर दोनों में उछाल आई

IHS मार्किट ने एक नोट में लिखा है, ‘2020 में भारतीय अर्थव्यवस्था भीषण मंदी का शिकार हुई। GDP में सबसे ज्यादा गिरावट मार्च से अगस्त के दौरान आई, सितंबर के बाद आर्थिक गतिविधियों में तेज उछाल आई।’ कोविड-19 पर रोकथाम के लिए हुए लॉकडाउन के चलते जून तिमाही में GDP ग्रोथ रिकॉर्ड 23.9% नीचे चली गई थी। सितंबर क्वॉर्टर में GDP तेजी से बढ़ा और इस दौरान इसकी ग्रोथ शून्य से सिर्फ 7.5% नीचे रह गई। दिसंबर क्वॉर्टर में इंडस्ट्रियल प्रॉडक्शन और कंजम्पशन एक्सपेंडिचर दोनों में उछाल आई।

अक्टूबर के डेटा दे रहे इंडस्ट्रियल प्रॉडक्शन में 3.6% बढ़ोतरी होने का संकेत

IHS के मुताबिक, अक्टूबर के डेटा इंडस्ट्रियल प्रॉडक्शन में सालाना आधार पर 3.6% बढ़ोतरी होने का संकेत दे रहे हैं। अप्रैल में इंडस्ट्रियल प्रॉडक्शन ग्रोथ शून्य से 55.5% नीचे चला गया था। IHS मार्किट के मुताबिक कोविड-19 के चलते लगी पाबंदियां ढीली होने के बाद दिसंबर में फैक्टरियों के ऑर्डर बढ़े। मांग बढ़ने और बाजार की हालत बेहतर होने से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बिजनेस कंडिशन में बड़ा सुधार आया। IHS ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, ‘दिसंबर क्वॉर्टर में इकनॉमिक एक्टिविटी में खासा सुधार हुआ है। इसको देखते हुए फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में GDP ग्रोथ 8.9% रह सकती है।’

FY2022 में 9.6% पर पहुंच सकती है GDP ग्रोथ: इंडिया रेटिंग्स

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुताबिक, ‘सरकारी खरीदारी को छोड़कर GDP के बाकी सभी कंपोनेंट में कमी आ सकती है। आम लोगों की खरीदारी, निवेश, निर्यात आयात में गिरावट आ सकती है।’ कोविड-19 के चलते बनी चुनौतियां सबको टीका लगने तक खत्म नहीं होंगी। GDP ग्रोथ मार्च क्वॉर्टर में पॉजिटिव हो सकती है और फाइनेंशियल ईयर 2022 में 9.6% पर पहुंच सकती है।

ग्लोबल और घरेलू इंस्टीट्यूशंस के अनुमान से बेहतर फर्स्ट एडवांस एस्टीमेट

डन एंड ब्रैडस्ट्रीट के ग्लोबल चीफ इकनॉमिस्ट अरुण सिंह के मुताबिक, 2021 की GDP ग्रोथ का सरकार का फर्स्ट एडवांस एस्टीमेट RBI के ग्रोथ के अनुमान से थोड़ा कमजोर लेकिन दूसरे कई ग्लोबल और घरेलू इंस्टीट्यूशंस से बेहतर है। 2021 में इंडिया की GDP ग्रोथ SBI ने -7.5%, RBI ने -7.9%, WB ने -9.6%, IMF ने -10.3% और मूडीज ने -10.6% रहने का अनुमान दिया है।

फाइनल गवर्नमेंट कंजम्पशन में हुई सिर्फ 5.8% की बढ़ोतरी

सिंह ने कहा, ‘इनफॉर्मल इकनॉमी के डेटा शामिल करके एडजस्ट किए जाने के बाद GDP के फाइनल डेटा फर्स्ट एडवांस एस्टीमेट से कम रह सकते हैं।’ निवेश और खपत के आंकड़ों में तेज गिरावट आने के अनुमान तो थे लेकिन फाइनल गवर्नमेंट कंजम्पशन एक्सपेंडिचर में सिर्फ 5.8% की बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं की गई थी। गवर्नमेंट कंजम्पशन में यह ग्रोथ फाइनेंशियल ईयर 2025 के बाद सबसे कम थी।

अनिश्चितता वाले माहौल में मल्टीप्लायर इफेक्ट को बढ़ावा सिर्फ सरकार दे सकती है

सिंह ने कहा, ‘अनिश्चितता भरे हालात में सिर्फ सरकार ही मल्टीप्लायर इफेक्ट को बढ़ावा दे सकती है। सरकार से प्राइवेट सेक्टर के सेंटीमेंट और डिमांड को बेहतर बनाने के अलावा प्राइवेट इनवेस्टमेंट को बढ़ावा देने की बड़ी उम्मीदें हैं। ऐसे में सरकार की तरफ से जारी किए गए राहत पैकेज के बावजूद यूनियन बजट में अतिरिक्त राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी हुई है।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here