व्हाइट हाउस की दौड़ में जो बाइडेन से हार चुके अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प फिर विवादों में हैं। एक कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर दावा किया जा रहा है कि ट्रम्प ने जॉर्जिया में अपनी पार्टी के सेक्रेटरी पर जीत लायक वोट जुटाने के लिए दबाव डाला, ताकि वे चुनाव का नतीजा पलट सकें। हालांकि, सेक्रेटरी ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया।

बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने शनिवार को एक घंटे तक सेक्रेटरी से इस मसले पर बात की। इस दौरान उनका लहजा धमकी देने वाला था। व्हाइट हाउस के ऑफिस से यह कॉल 3 जनवरी दोपहर 2:41 पर की गई थी। मामले पर वाइस प्रेसिडेंट इलेक्ट कमला हैरिस का कहना है कि ट्रम्प हताशा में ऐसी बातें कर रहे हैं। उन्होंने ऐसा करके अमेरिकी राष्ट्रपति को हासिल ताकत का गलत इस्तेमाल किया है।

दरअसल, अमेरिका में इसी हफ्ते इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों की औपचारिक गिनती होनी है। ट्रम्प के पास दोबारा राष्ट्रपति बनने के लिए यह आखिरी मौका है। हालांकि, यह तय माना जा रहा है कि काउंटिंग के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडेन (प्रेसिडेंट इलेक्ट) की जीत पर मुहर लग जाएगी।

ट्रम्प ने कहा, जीत के अंतर से एक वोट ज्यादा चाहता हूं
नतीजे साफ होने के बाद नौ हफ्ते से लगातार ट्रम्प चुनाव में धांधली होने का आरोप लगा रहे हैं। अब उन्होंने जॉर्जिया के टॉप इलेक्शन ऑफिशियल ब्रैड रैफेंसपर्गर से फोन पर कहा कि उन्हें वोटों की दोबारा गिनती करनी चाहिए, ताकि राज्य के 16 इलेक्टोरल वोट उनके हिस्से में आएं।

इसकी कॉल रिकॉर्डिंग वॉशिंगटन पोस्ट ने रविवार को ऑनलाइन पब्लिश कर दी। इसके मुताबिक, ट्रम्प ने कहा कि मैं सिर्फ 11,780 वोट चाहता हूं। यह जीत के अंतर से एक वोट ज्यादा है। जॉर्जिया में बाइडेन को ट्रम्प से 11,779 वोट ज्यादा मिले हैं। यह रिकॉर्डिंग न्यूयॉर्क टाइम्स के पास भी है।

क्रिमिनल केस चलाने की धमकी दी
बतौर राष्ट्रपति ट्रम्प का कार्यकाल 16 दिन का और बचा है। वे इतनी दिन ही जस्टिस डिपार्टमेंट के इन्चार्ज रहेंगे। उन्होंने धमकी दी कि रैफेंसपर्गर ने उनकी बात नहीं मानी तो उन पर क्रिमिनल केस चलाया जा सकता है।

बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि आप जानते हैं कि उन्होंने क्या किया और आप इसकी रिपोर्ट नहीं कर रहे हैं। आप जानते हैं कि वह अपराधी है, और आप जानते हैं, आप ऐसा नहीं कर सकते। यह आपके और आपके वकील रेयान के लिए बहुत बड़ा रिस्क है।

ट्रम्प के खिलाफ चल सकता है केस
लीगल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अपनी ही पार्टी के चुने पदाधिकारियों को बहकाने या धमकाने पर ट्रम्प के खिलाफ केस चल सकता है। जॉर्जिया के कानून के तहत ऐसा हो सकता है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति को इसी तरह धमकी दी थी
इस घटना ने इसी तरह के एक और मामले की दोबारा याद दिला दी। 2019 में ट्रम्प ने यूक्रेन के राष्ट्रपति को फोन कर धमकाया था। उन्होंने यूक्रेन को मिलने वाली सैन्य मदद रोककर राष्ट्रपति पर दबाव डाला था कि वे बाइडेन के खिलाफ जांच शुरू करें। इस वजह से ट्रम्प को महाभियोग का सामना करना पड़ा था। वे देश के चौथे राष्ट्रपति थे, जिनके खिलाफ महाभियोग चलाया गया। हालांकि, सीनेट में चले ट्रायल के बाद वे इन आरोपों से बरी हो गए थे।

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बतौर राष्ट्रपति व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रम्प का 16 दिन का कार्यकाल और बचा है। (फाइल फोटो)

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