दुनिया भर में नए साल का जश्न मनाया जा रहा है। इसकी शुरुआत न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में हुई। सबसे पहले ऑकलैंड के स्काई टावर पर रंगीन आतिशबाजी के साथ 2021 का स्वागत किया गया। ऑकलैंड दुनिया का इकलौता बड़ा शहर है, जहां नए साल की शुरुआत बिना किसी पाबंदी के हुई।

इसके बाद सिडनी के हार्बर ब्रिज पर शानदार अंदाज में नए साल की अगवानी की गई। फिर धीरे-धीरे कई देशों में सदी के 21वें साल का स्वागत किया जाने लगा। रूस, इजिप्ट और थाईलैंड में रात के 12 बजते ही सेलिब्रेशन शुरू हो गया। ज्यादातर जगह कोरोना की वजह से पाबंदियां लगाई गई हैं।

नया साल कोरोना की दहशत के बीच कुछ ज्यादा उम्मीदें लेकर आ रहा है। कई देशों में जश्न की तैयारी है, लेकिन बंदिशों के साथ। सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया के नजदीक टोंगा आइलैंड पर नए साल ने दस्तक दी। दुनिया के स्टैंडर्ड टाइम के हिसाब से माना जाता है कि यहीं सबसे पहले रात के 12 बजते हैं।

कोरोना के नए स्ट्रेन की मार झेल रहे ब्रिटेन के लंदन में टॉवर ब्रिज पर लाइट शो किया गया।
नॉर्थ कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में नए साल पर बड़ा समारोह किया गया। इसमें हजारों लोग शामिल हुए।
इराक के बगदाद में देर रात लोग सड़कों पर आ गए और आतिशबाजी कर जश्न मनाया।
नॉर्वे में नए साल की खुशी में आतिशबाजी की गई। यहां इन दिनों भारी बर्फबारी हो रही है।
मिस्र में नील नदी पर बने सस्पेंशन ब्रिज पर शानदार रोशनी की गई।
मॉस्को में नए साल पर हुए समारोह के दौरान क्रेमलिन के टावरों के पास का नजारा।
थाईलैंड के बैंकॉक में जश्न के दौरान चाओ फ्राया नदी के किनारे आतिशबाजी की गई।

अमेरिका के पास हॉलैंड और बेकर आइलैंड्स पर सबसे आखिरी में (भारतीय समयानुसार 1 जनवरी शाम 5:30 बजे) नए साल का सूरज पहुंचता है। हालांकि, यह ऐसा इलाका है जहां कोई आबादी नहीं रहती। महामारी के बीच कहां कैसे नए साल का स्वागत होगा, हम आपको बता रहे हैं।

अंतरिक्ष से भी आई बधाई

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दुनिया के वो 4 शहर, जहां नए साल का जश्न सुर्खियों में रहता है

1. सिडनी का हार्बर ब्रिज

ऑस्ट्रेलिया का यह शहर नए साल की आतिशबाजी के लिए मशहूर है। 31 दिसंबर की दोपहर से सिडनी के हार्बर ब्रिज पर फेरी रेस, म्यूजिकल इवेंट्स और सैन्य प्रदर्शनों के प्रोग्राम न्यू ईयर का हिस्सा होते हैं। इस साल भी ये हुए, लेकिन कोरोना के कारण यहां लोगों के जुटने पर रोक लगाई गई थी। सिडनी के लोगों ने इन्हें लाइव देखा।

तस्वीर सिडनी के ओपेरा हाउस और हार्बर ब्रिज की है। यहां नए साल के स्वागत में होने वाला जश्न पूरी दुनिया में मशहूर है।

2. ऑकलैंड का स्काई टावर

न्यूजीलैंड उन देशों में शामिल है, जहां नया साल सबसे पहले दस्तक देता है। भारत में जब शाम के तकरीबन 4:30 बजे, तब न्यूजीलैंड में रात के 12 बज गए। नए साल का सबसे पहला बड़ा इवेंट न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में मनाया गया। यहां के स्काई टावर पर पांच मिनट की आतिशबाजी के साथ नए साल का स्वागत किया गया।

नए साल पर पूरा ऑकलैंड शहर रोशनी से सजाया गया है।

3. दुबई का बुर्ज खलीफा

यहां नए साल का स्वागत पूरी धूमधाम से किया गया। भारतीय समयानुसार रात करीब 1:30 बजे बुर्ज खलीफा पर आतिशबाजी, लाइट और लेजर शो हुआ। लोगों को इस इलाके में बनाए गए पांच गेट से QR कोड दिखाकर एंट्री मिली। कोरोना गाइडलाइन बेहद सख्ती से लागू की गई। प्रोग्राम की लाइव स्ट्रीमिंग भी हुई। इसे mydubainewyear.com पर भी देखा गया।

भारतीय समयानुसार रात करीब 1:30 बजे बुर्ज खलीफा पर आतिशबाजी और लेजर शो हुआ।

4. न्यूयॉर्क का टाइम्स स्क्वेयर

24 घंटे रोशनी से जगमगाने के लिए मशहूर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर 31 दिसंबर की रात भीड़ नहीं दिखी। शाम ढलते ही न्यूयॉर्क की पुलिस ने टाइम्स स्क्वायर पर आम लोगों को जाने से रोक दिया। लोगों ने वर्चुअली न्यू इयर का काउंटडाउन और बॉल ड्रॉप देखा। यह कार्यक्रम भारतीय समयानुसार शुक्रवार सुबह 10:30 बजे हुआ। सबसे पहली बार यहां बॉल 1907 में ड्रॉप की गई थी। इस साल टाइम्स स्क्वायर के ऊपर 7 फुट का न्यूमेरल्स रखा जाएगा।

इस बार लोग न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर बॉल ड्राप प्रोग्राम में शामिल नहीं हो पाए।

टाइम्स स्क्वायर पर कैसे शुरू हुआ नए साल पर बॉल ड्रॉप

18वीं शताब्दी में बंदरगाहों पर हर दिन एक तय वक्त पर इसी तरह की बॉल ड्रॉप की जाती थी। इससे नाविकों को सिग्नल मिल जाता था और वे अपनी घड़ियों का टाइम सेट कर लेते थे। 1907 में न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वेयर पर पहली बार ईव बॉल गिराई गई।

इस सेलिब्रेशन का फंड न्यूयॉर्क टाइम्स के मालिक अल्फ्रेड ऑक्स ने दिया था। मौका था अखबार के दफ्तर के उद्घाटन का। लकड़ी और लोहे से तैयार पहली बॉल का वजन 317 किलो था। तब से यहां हर साल ‘टाइम्स स्क्वेयर बॉल ड्रॉप’ करने की परंपरा है।

युद्ध की वजह से यह बॉल 1942 और 1943 में नहीं गिरार्ई गई थी। आतिशबाजी की राख से जब जश्न मनाने आए लोग परेशान होने लगे तो यह सोचा गया कि आतिशबाजी कम की जाए और नए साल की शुरुआत के सिम्बल के तौर पर टाइम बॉल ड्रॉप की जाए। यह इवेंट कुछ ही सालों में पॉपुलर हो गया।

इन शहरों में जश्न पर रोक

  • सिंगापुर: मरीना बे रिसॉर्ट में इस साल सेलिब्रेशन नहीं होगा। पीपुल्स एसोसिएशन की आतिशबाजी की स्ट्रीमिंग कम्युनिटी फेसबुक पेज पर होगी।
  • पेरिस: यहां हर दिन रात 8 बजे से कर्फ्यू लगाया जा रहा है। इसे नए साल पर भी नहीं हटाया जाएगा। पेरिस के आर्क डी ट्रियोम्फ पर नए साल के मौके पर होने वाले आतिशबाजी कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए हैं।
  • लंदन: यहां न्यू इयर इवेंट रद्द कर दिया गया है। हालांकि, शहर हर साल की तरह ही सजाया गया है। सजावट और आतिशबाजी का लाइव टेलीकास्ट होगा ताकि दुनिया इसे टीवी पर देख सके।
  • मॉस्को: यहां बीते कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने नए साल के ट्रेडीशनल ईव सेलिब्रेशन पर रोक लगा दी है। जो होटल, रेस्टोरेंट देर रात तक खुले रहते हैं वे भी बंद रहेंगे।
  • बर्लिन: जर्मनी के बर्लिन शहर में भी नए साल पर आतिशबाजी और कल्चरल प्रोग्राम होते हैं, लेकिन इस बार कोरोना महामारी के कारण इन पर रोक लगा दी गई है।
  • पटाया: थाइलैंड के ज्यादातर शहरों में जश्न मनाया जाएगा, लेकिन पटाया में न्यू इयर सेलिब्रेशन को कैंसिल कर दिया गया है।

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