Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

लंदनएक महीने पहले

ब्रिटेन में कोरोना का नया स्ट्रेन सामने आने के बाद कई देशों ने आवाजाही पर पाबंदियां लगा दी हैं। इंग्लैंड और फ्रांस के बॉर्डर पर ट्रैफिक रोकते सुरक्षाकर्मी।

दुनियाभर में कोरोना के नए और ज्यादा खतरनाक स्ट्रेन को लेकर चिंता जताई जा रही है। इस बीच फाइजर के साथ कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी बायोएनटेक के सीईओ उगर साहिन ने कहा है कि वायरस कम से कम दस साल तक खत्म नहीं होगा।

फोटो बायोएनटेक के सीईओ उगर साहिन की है। फाइजर के साथ मिलकर बनाई उनकी कोरोना वैक्सीन को अमेरिका, ब्रिटेन समेत 45 से ज्यादा देशों में इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है।

एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में साहिन से पूछा गया था कि वायरस कब खत्म होगा और लोगों की जिंदगी कब तक वापस पटरी पर लौट सकेगी? इस पर उन्होंने कहा- हमें नॉर्मल की नई परिभाषा समझने की जरूरत है। यह वायरस अगले 10 साल तक हमारे साथ ही रहेगा।

नए स्ट्रेन के लिए 6 हफ्ते में बन सकती है वैक्सीन
साहिन ने कहा कि ब्रिटेन में मिले वायरस के नए स्ट्रेन के हिसाब से वैक्सीन में 6 हफ्ते में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने कहा- मैसेंजर तकनीक की खासियत यही है कि हम नए म्यूटेशन के हिसाब से वैक्सीन की वैसी ही इंजीनियरिंग कर सकते हैं। तकनीकी तौर पर हम 6 हफ्ते में नई वैक्सीन तैयार कर सकते हैं।

नए स्ट्रेन से वैक्सीन का असर कम नहीं होगा
फाइजर के साथ मिलकर बनाई गई बायोएनटेक की कोरोना वैक्सीन को अमेरिका और ब्रिटेन समेत 45 से ज्यादा देशों में इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने भरोसा जताया कि UK में सामने आए कोरोना के नए स्ट्रेन से वैक्सीन के असरदार होने पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

वायरस का नया स्ट्रेन 70% ज्यादा संक्रामक
ब्रिटेन में वायरस के एक के बाद एक दो नए स्ट्रेन सामने आने के बाद दुनियाभर में चिंता जताई जा रही है। ब्रिटेन में नए स्ट्रेन के बाद अप्रैल के बाद एक हफ्ते में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं। PM बोरिस जॉनसन ने 19 दिसंबर को पहला स्ट्रेन मिलने की जानकारी दी थी। इसे कोरोना के मौजूदा वायरस से 70% ज्यादा तेजी से फैलने वाला बताया जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here