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2 महीने पहले

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फाइल फोटो

  • इस साल नॉन फाइनेंशियल कंपनियों ने पब्लिक इन्वेस्टर से जुटाए 266 लाख करोड रुपए

मार्च 2020 दुनियाभर की कंपनियों के लिए भयावह रहा। ये वो समय था जब कोरोना वायरस पूरी दुनिया में पैर पसार रहा था। कंपनियां अपने भविष्य को लेकर चिंतित थीं। भविष्य में पूंजी का संकट लग रहा था। लेकिन इस डर के उलट अब जो रिपोर्ट सामने आ रही हैं, वे बताती हैं कि वर्ष 2020 में दुनियाभर में कंपनियों ने जितनी पूंजी जुटाई है उतनी आज तक एक साल में नहीं जुटी।

वित्तीय डेटा बताने वाली ग्लोबल फर्म रिफिनिटिव की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इस साल नॉन फाइनेंशियल कंपनियों ने पब्लिक इन्वेस्टर से 266 लाख करोड़ रु. जुटाए हैं। यही नहीं 177 लाख करोड़ रु. इन्वेस्टमेंट ग्रेड और 32 लाख करोड़ रु. के रिस्की जंक बॉन्ड इश्यू हुए हैं। आईपीओ के लिए भी यह वर्ष बेहद अच्छा रहा है। बीते 2 दिसंबर को हॉन्गकॉन्ग में चीनी ऑनलाइन फार्मेसी कंपनी जेडी हेल्थ ने अपने आईपीओ से 26 हजार करोड़ रु. जुटाए। हॉन्गकॉन्ग में इस वर्ष यह सबसे बड़ा आईपीओ रहा।

इसके करीब एक हफ्ते बाद ही अमेरिकी फूड डिलिवरी कंपनी डोरडैश और होम रेंटल प्लेटफॉर्म एयर बीएनबी ने भी न्यूयॉर्क में करीब-करीब ऐसे ही अपने आईपीओ को लॉन्च किया। इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन चेज के कार्लोस हर्नैन्डेज कहते हैं कि धन जुटाने के मामले में सबसे ज्यादा चौंकाया अमेरिका की कार्निवल क्रूज लाइन ने। उसने उधारी और शेयर बेचकर अप्रैल माह में 46 हजार करोड़ रु. जुटाए। जबकि यह वो समय था जब जहाज और क्रूज खड़े हो गए थे और इन कंपनियों को कोरोना के कारण बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा था। ऐसा ही फायदा बोइंग को मिला।

बोइंग ने 1.85 लाख करोड़ रु. बॉन्ड के जरिए जुटाए। जबकि उसका सबसे अधिक बिकने वाला हवाई जहाज 737 मैक्स जेटलाइनर जमीन पर है और भविष्य में एयरलाइन्स के मुनाफे के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। कई चीनी कंपनियों ने अपनी बैलेंस शीट बेहतर करने के लिए कई पर्पेचुअल बॉन्ड इश्यू किए, इन बॉन्ड्स को कभी भुनाया नहीं जा सकता है, लेकिन ब्याज देते हैं। दुनियाभर में हेल्थ या फार्मा और डिजिटल कंपनियों में निवेश काफी बढ़ा है।

इस वर्ष लौटा शेयर बायबैक का ट्रेंड

दुनियाभर में शेयर बायबैक का ट्रेंड इस वर्ष लौटा है। लिस्टेड कंपनियों ने इस वर्ष 39.81 लाख करोड़ रुपए सेकंडरी स्टॉक सेल से जुटाए, जो पिछले वर्ष से 70% अधिक हैं। इस वर्ष उन कंपनियों के आईपीओ को अच्छा रेस्पॉन्स मिला है जो डिजिटल, क्लाउड और हेल्थ जैसी फील्ड में काम कर रही हैं।

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